शिवलिंग, शिव के डमरू और कैलाश का रहस्य

शिवलिंग का रहस्य

इस आधाशक्ति की प्रतिक्रिया में इसकी एक उल्टी प्रतिकृति इसके ऊपर इसी के समकक्ष बनती है , पर इसकी धाराओं घनत्व कम होता है। इस पर भी ‘0 ’ के घर्षण से चार्ज बनता है; जो पहली संरचना के आवेश से विपरीत प्रकृति का होता है। यही शिवलिंग है, जो विपरीत आवेश के कारण पहले में समा जाता है।

शिव के डमरू का रहस्य

इस दोनों के मिलने से नारंगी के समान एक गोल आकृति जो ऊर्जधाराओं से बना एक पॉवर-सर्किट होता है; जिसके दोनों पेदों पर ऊर्जधाराएं अन्दर जा रही होती है जो बाहर के ‘0 ’ से घर्षण करता घूमता ऊपर फवारे छोड़ता निचे जेट की तरह ऊर्जाधारा छोड़ता हुआ क्रियाशील हो जाता है।

इसके बीच में यह डमरू की आकृति होती है। इसमें दोनों मीनार उल्टे होकर गुंथे होते है और कुछ निश्चित नियमों से (गोपनीय ) स्वचालित होकर एक- दुसरे में पंप करने लगते है।

यही पहली संरचना है , जिसके केंद्र में चेतना की उत्पत्ति होता है। इसी डमरू के नाचने- बजने से इस डमरू का ही विस्तार ब्रह्माण्ड के रूप में होता है , जो पहले एक सूक्ष्म परमाणु के रूप में उत्पन्न होता है।

कैलाश का रहस्य

प्रत्येक इकाई के शीर्ष को कैलाश कहा जाता है। हमारी खोपड़ी का शीर्ष कैलाश है और चाँद मानसरोवर। इस मान-सरोवर के मध्य में एक छेड़ होता है। यहाँ बिंदु रुपी ऊर्जा गिरती रहती है , जो सती है और इसके ह्रदय यानी केंद्र में सदाशिव यानी ‘0’ विधमान होता है।यह ‘0’ इस छेड़ के केंद्र में होता है और बिंदु रुपी ऊर्जा इसके चरों ओर एक जटिल चक्र का निर्माण करती है। यह पार्वती है।इसी से मस्तिष्क के सहस्त्रार चक्र की उत्पत्ति होती है।

इसीलिए कहा जाता है कि कैलाश पर शिवजी पार्वती के साथ रहते है और गंगा उनकी जटाओं में घुमती हुई धरती (शरीर) को सींचती है। भौतिक गंगा को ऋषिमुनियों ने इसी सूत्र पर आर्यावर्त्त के भूखंड के शीर्ष हिमालय की सर्वोच्च चोटी को कैलाश और ग्लेशियर बेसिन को मानसरोवर मानकर चित्रित किया था और उस मानचित्र को भागीरथ के कार्यविंत किया था।

तत्त्व विज्ञान का आध्यात्मिक क्षेत्र ब्रह्माण्ड की तरह अनन्त है। सभी कुछ यहाँ स्पष्ट करना संभव नहीं है ;परन्तु आपकी कोई भी जिज्ञासा है; आप किसी भी आध्यात्मिक रहस्य को जानना चाहते है; तंत्र – मंत्र-सिद्धि – पूजाविधि आदि का ज्ञान इनके रहस्यों के साथ जानना चाहते है ; तो हमे ई-मेल करें।गुरुदेव शिवावतार श्री प्रेम कुमार शर्मा आपकी सभी शंका का समाधान करेंगे।

प्रेम कुमार शर्मा

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